देविका रानी को पीटते थे पति हिमांशु राय, दूसरी शादी से पहले मंगेतर को लेटर में बयां किया था दर्द

आइए आज हम आपको बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस रह चुकीं देविका रानी की निजी जिंदगी के बारे में कुछ गहरे राज बताते हैं।

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By Vidushi Gupta Last Updated:

देविका रानी को पीटते थे पति हिमांशु राय, दूसरी शादी से पहले मंगेतर को लेटर में बयां किया था दर्द

मधुबाला, नरगिस और मीना कुमारी जैसी फेमस हीरोइनों से पहले देविका रानी (Devika Rani) एक ऐसी एक्ट्रेस रह चुकी हैं, जिन्होंने अपने 4 मिनट के एक किसिंग सीन से इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। यही नहीं, 60 दशक पहले जब आत्मनिर्भर महिलाएं केवल इक्का-दुक्का ही देखने को मिलती थीं। उस दौरान देविका ने भारत के पहले फिल्म स्टूडियो ‘बॉम्बे टॉकीज’ की को-फाउंडर बनकर महिलाओं के लिए एक नया ट्रेडमार्क सेट किया। हालांकि, उस जमाने में आजाद ख्यालों वाली देविका रानी ने भले ही अपनी प्रोफेशनल लाइफ में परचम हासिल किये हों, लेकिन निजी जिंदगी में उन्हें अपने पति से मानसिक से लेकर शारीरिक प्रताड़ना तक झेलनी पड़ी। तो आइए आज हम आपको देविका की निजी जिंदगी के बारे में कई गहरे राज बताते हैं।

देविका रानी ने लंदन में हासिल की थी स्कॉलरशिप

देविका रानी को भारतीय सिनेमा की पहली एक्ट्रेस के रूप में भी जाना जाता है। एक्ट्रेस का जन्म 30 मार्च 1908 में विशाखापत्तनम में हुआ था। देविका के पिता मन्मथनाथ चौधरी मद्रास प्रेसिडेंसी के पहले इंडियन जनरल सर्जन थे। इसके साथ ही फेमस राइटर रवींद्रनाथ टैगोर देविका के दादा थे। अमीर घराने से होने के चलते देविका अपनी हायर स्टडीज के लिए लंदन चली गईं, जहां उन्होंने एक मशहूर एक्टिंग एकेडमी से मात्र 16 साल की उम्र में स्कॉलरशिप हासिल की। वहां एक्टिंग के साथ ही देविका ने टेक्सटाइल डिज़ाइन, डेकोर और आर्किटेक्चर की भी पढ़ाई पूरी की। (ये भी पढ़ें: कभी सनी देओल को 'छोटे पापा' कहती थीं डिंपल कपाड़िया की दोनों बेटियां, ऐसा था रिश्ता)

साथ काम करते-करते हिमांशु राय से हो गया था प्यार 

इसके बाद साल 1928 में देविका की हिमांशु राय से मुलाकात हुई, तब हिमांशु अपनी पहली एक्सपेरिमेंटल साइलेंट फिल्म ‘ए थ्रो ऑफ़ डाइस’ पर काम कर रहे थे और देविका इस फिल्म की कॉस्टयूम डिज़ाइनर थीं। राय और देविका की उम्र में लगभग 16 सालों का गैप था, लेकिन दोनों साथ काम करते-करते एक-दूसरे की तरफ आकर्षित होने से खुद को रोक नहीं पाए। दोनों ने देरी न करते हुए साल 1929 में एक-दूसरे से शादी कर ली। शादी होने के बाद दोनों बर्लिन शिफ्ट हो गए, जहां कपल ने जर्मन मोशन पिक्चर प्रोडक्शन कंपनी ‘UFA स्टूडियोज’ में काम किया और कई बड़े-बड़े डायरेक्टर्स के अंडर फिल्ममेकिंग की ट्रेनिंग हासिल की। इसके बाद साल 1933 में रानी ने अपनी पहली फिल्म ‘कर्मा’ से एक्टिंग इंडस्ट्री में डेब्यू किया।

devika rani

देविका ने किसिंग सीन से मचा दिया था भूचाल 

देविका ने अपनी फिल्म से ही भारतीय सिनेमा में भूचाल ला दिया था। इस मूवी में एक्ट्रेस ने पति हिमांशु राय के साथ 4 मिनट का किसिंग सीन दिया था, जो आज तक खुद में एक रिकॉर्ड है। ये वो दौर था जब फिल्मों में फूलों के जरिए रोमांटिक सीन्स को दिखाया जाता था। इस फिल्म का इंग्लैंड में प्रीमियर हुआ था, जहां ये दर्शकों को खूब पसंद आई थी, भारत में इसे ‘नागिन की रागिनी’ नाम से दोबारा रिलीज किया गया था, लेकिन यहां पर ये कुछ ख़ासा कमाल नहीं दिखा पाई। फिल्म फ्लॉप होने के बावजूद देविका ने उम्मीद नहीं छोड़ी और इसी साल 18 एकड़ में फैले ‘बॉम्बे टॉकीज’ की स्थापना की। (ये भी पढ़ें: विराट कोहली-अनुष्का शर्मा की चार सबसे महंगी चीजें, जानें आलीशान घर और महंगी कारों की कीमत)

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शूटिंग के दौरान को-एक्टर के आईं करीब 

इस स्टूडियो की पहली फिल्म ‘जवानी की हवा’ थी, जो साल 1935 में रिलीज हुई थी। ये वही फिल्म थी, जिससे देविका की निजी जिंदगी में एक बड़ा तूफ़ान ला दिया था। इस फिल्म में देविका के को-स्टार नजमुल हसन थे। इस फिल्म में साथ काम करने के दौरान देविका और नजमुल के बीच की नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसके बाद दोनों फिल्म ‘जीवन नैया’ में भी साथ नजर आए। यहां एक तरफ देविका शादीशुदा होने के बावजूद नजमुल के प्यार में डूबती चली जा रही थीं, वहीं राय को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं थी। दोनों की लव स्टोरी का खुलासा तब हुआ, जब अचानक से रातों-रात नजमुल और देविका गायब हो गए। दोनों की जब तलाश शुरू हुई, तो ‘जीवन नैया’ के हीरो-हीरोइन कोलकाता के एक होटल में पाए गए।  

यहीं से हिमांशु और देविका के रिश्ते में दरार आ गयी। दोनों के भरोसेमंद व बैरिस्टर शशधर मुखर्जी के समझाने से देविका वापस तो आ गईं, लेकिन अपनी शर्तों पर। इन शर्तों में आर्थिक आजादी की मांग शामिल थी। उनकी मांगें मान ली गयीं। इस तरह हिमांशु और देविका साथ रहकर भी एक-दूसरे से दूर हो गए और नजमुल को नौकरी से निकाल दिया गया। देविका साल 1940 में पति हिमांशु की 48 साल की उम्र में मृत्यु होने तक उनके साथ रहीं और हसबैंड के जाने के बाद स्टूडियो की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली। उन्होंने अशोक कुमार और शशधर मुखर्जी के साथ पार्टनरशिप में कई फिल्में प्रोड्यूस कीं। हालांकि, ये फिल्में सफल नहीं रहीं और देविका ने इंडस्ट्री को छोड़ने का फैसला ले लिया। (ये भी पढ़ें: जब एक इंटरव्यू में ऐश्वर्या राय ने सलमान को बताया था सबसे 'Sexiest' एक्टर, जानें इनकी प्रेम कहानी)

1945 में की थी दूसरी शादी 

साल 1945 में देविका रानी ने रूसी पेंटर स्वेतोस्लाव रोएरिच से दूसरी शादी की थी। शादी के बाद दोनों मनाली चले गए। मनाली में कुछ साल बिताने के बाद देविका और उनके पति स्वेतोस्लाव बैंगलोर शिफ्ट हो गए और अपनी एक एक्सपोर्ट कंपनी खोल ली। इसके बाद 9 मार्च 1994 को भारतीय सिनेमा की यह पहली एक्ट्रेस दुनिया को अलविदा कह गई।

देविका को मारते थे पहले पति 

किश्वर देसाई की लिखी किताब ‘द लॉन्गेस्ट किस’ में लेखक ने देविका की निजी जिंदगी से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। इस किताब के मुताबिक रोएरिच से शादी होने से पहले देविका ने उन्हें अपनी पहली शादी में सही गयी शारीरिक प्रताड़ना का दर्द बयां करते हुए कई पत्र लिखे थे। इनमें से एक लेटर में देविका ने अपने बारे में लिखते हुए बताया है, “मेरे प्यारे वो काफी डरी हुई है, उसे मारा गया, तड़पाया गया, काम करवाया गया, मेंटली तोड़ा गया, लेकिन भगवान ने उसे टूटने से बचा लिया।”

इस किताब में ये भी बताया गया है कि एक्ट्रेस के पहले पति हिमांशु साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स से गुजर रहे थे। उनका इलाज एक मनोवैज्ञानिक से चल रहा था। उनका स्टूडियो हर साल 3 फिल्में प्रोड्यूस करता था। इन सभी फिल्मों में देविका को ही एक्ट्रेस के रूप में कास्ट किया जाता था। हिमांशु ने यहां तक देविका पर इतना वर्क प्रेशर डाला हुआ था कि वो उन्हें एक दिन की छुट्टी भी नहीं देते थे।

फिलहाल, ये बात तो साफ़ है कि देविका की जिंदगी काफी उतार-चढ़ावों से भरी रही है, लेकिन इसके बावजूद एक्ट्रेस ने हर एक मुश्किल का मजबूती से सामना किया। तो आपको हमारी ये स्टोरी कैसी लगी? हमें कमेंट में जरूर बताएं, साथ ही कोई सुझाव हो तो अवश्य दें।

(फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम)
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