अपनी सगी भांजी से विजय आनंद ने की थी दूसरी शादी, रियल लाइफ में ऐसे थे देव आनंद के भाई

दिवंगत फिल्ममेकर विजय आनंद (Vijay Anand) की वाइफ सुषमा कोहली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि, उनके पति असल जिंदगी में किस तरह के प्रेमी थे। क्या कहा था उन्होंने? आइए जानते हैं..

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By Shikha Yadav Last Updated:

अपनी सगी भांजी से विजय आनंद ने की थी दूसरी शादी, रियल लाइफ में ऐसे थे देव आनंद के भाई

जब भी हिंदी फिल्म जगत के महान अभिनेताओं की बात होगी, उसमें देव आनंद का नाम जरूर आएगा। देव आनंद अपने दौर के सबसे प्रसिद्ध अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने न सिर्फ अभिनय में महारथ हासिल की थी, बल्कि अपने लुक की वजह से भी वे लड़कियों के दिलों पर राज किया करते थे। कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में देव आनंद (Dev Anand) जैसा एक्टर न कभी था, और न कभी होगा। देव आनंद का असली नाम धरमदेव पिशोरीमल आनंद था। देव आनंद के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन उनके छोटे भाई विजय आनंद (Vijay Anand) के बारे में कम ही लोगों को पता है। देव आनंद के सुपरहिट करियर में उनके भाई विजय आनंद का बहुत बड़ा योगदान रहा है। विजय आनंद ने ‘काला बाज़ार’, ‘तेरे घर के सामने’, ‘गाइड’, ‘ज्वेल थीफ’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘तेरे मेरे सपने’, ‘कोरा कागज़’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों को प्रोड्यूस किया है और उनका नाम भारतीय सिनेमा इतिहास के सुप्रसिद्ध फिल्ममेकर्स में आता है।

फिल्ममेकर होने के साथ-साथ विजय आनंद एक जबरदस्त एक्टर भी थे। 22 जनवरी को पंजाब के गुरदासपुर में विजय आनंद का जन्म हुआ था। विजय आनंद महज 7 साल के थे, जब उनकी मां चल बसी थीं। उनका पालन पोषण बड़े भाई और भाभी की देखरेख में हुआ था। जब वे अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी कर रहे थे, तब देव आनंद और चेतन आनंद का फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा नाम हो गया था। हालांकि, पढ़ाई पूरी करने के बाद वे भी अपने भाइयों के पदचिन्हों पर चलते हुए मुंबई पहुंच गए थे। मुंबई के ‘सेंट जेवियर्स कॉलेज’ से विजय आनंद ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री ली थी। जब विजय आनंद कॉलेज में थे, तब उन्होंने अपनी भाभी उमा आनंद के साथ मिलकर एक स्क्रिप्ट लिखी थी। इस स्क्रिप्ट पर आगे चलकर एक फिल्म बनी, जिसे लोग ‘टैक्सी ड्राइवर’ के नाम से जानते हैं। यह फिल्म साल 1954 में रिलीज हुई थी, जिसका निर्माण चेतन आनंद (विजय आनंद के बड़े भाई) ने किया था, जबकि देव आनंद फिल्म के निर्माता व एक्टर थे। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसके बाद विजय आनंद की समझ फिल्म इंडस्ट्री को लेकर बेहतर हो गई थी।

फिल्मों के प्रति विजय आनंद के प्यार और कलात्मक अप्रोच को देखते हुए, कई जाने-माने डायरेक्टर्स और मॉडर्न फिल्ममेकर्स ने उन्हें ‘इनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ फिल्ममेकिंग’ का खिताब दिया था। उन्होंने थ्रिलर, रोमांटिक, कॉमेडी से लेकर फैमिली ड्रामा, सभी जौनर की फिल्में बनाई थीं। विजय आनंद की पत्नी का नाम सुषमा कोहली है। सुषमा कोहली रिश्ते में उनकी भांजी लगती थीं। उन्होंने अपनी ही सगी बहन की बेटी से दूसरी शादी की थी, जो कि उस समय काफी विवादों में रही थी। सुषमा कोहली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि, उनके पति असल जिंदगी में बहुत साधारण इंसान थे। उन्होंने बताया था कि, इतनी सारी रोमांटिक फिल्में देने के बावजूद, प्यार के मामले में वे बहुत शर्मीले थे। (ये भी पढ़ें: विनोद खन्ना की पहली पत्नी गीतांजलि और बेटे राहुल व अक्षय के साथ की अनदेखी फोटो आई सामने)   

साल 2018 में सुषमा कोहली ने ‘फिल्मफेयर मैगज़ीन’ को एक इंटरव्यू दिया था, जहां उन्होंने अपनी शादी को लेकर कई सारे खुलासे किये थे। इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि, असल जिंदगी में विजय आनंद कैसे लवर थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि, जिस फिल्ममेकर ने हिंदी सिनेमा जगत की कुछ एवरग्रीन रोमांटिक फिल्मों का निर्माण किया है, वे रियल लाइफ में बड़े ही शर्मीले थे। सुषमा कोहली ने बताया था कि, उनके पति बहुत शांत रहने वाले इंसान थे, उन्हें कभी गुस्सा नहीं आता था। इसके विपरीत, वे खुद काफी गुस्सैल थीं और बहुत जल्दी अपना आपा खो देती थीं। उन्होंने कहा था, “गोल्डी (विजय जी का निकनेम) और मेरी शादी साल 1978 में हुई थी। जब हमारी शादी हुई थी, तब फिल्म ‘राम बलराम’ की शूटिंग चल रही थी। उन्हें मेरे सादगी पसंद आई थी। मैं उनका टेम्परामेंट समझ गई थी। मैं समझ गई थी कि, उन्हें बहुत जल्दी गुस्सा नहीं आता है। वो मैं थी, जिसे जल्दी गुस्सा आता था। मैं ज्यादा पागल थी। मैं कुछ चीजें जान बूझकर उन्हें तंग करने के लिए किया करती थी। कभी उन्होंने मुझे संभाला, तो कभी मैंने उन्हें संभाला”।  

आगे अपनी बात जारी रखते हुए सुषमा ने यह भी बताया था कि, कैसे विजय आनंद उन्हें सरप्राइज दिया करते थे। उन्होंने कहा था, “उन्होंने शायद ही मुझे कभी कॉम्प्लीमेंट दिया हो, लेकिन जब वे देते थे, तो मुझे बहुत खुशी होती थी। उन्हें मैं साड़ी में बहुत अच्छी लगती थी और कभी-कभी वे मेरे लिए साड़ियों और उसके साथ मैचिंग ज्वेलरी का भी चुनाव करते थे। हमें ट्रेवल करना बहुत अच्छा लगता था”। सुषमा ने इंटरव्यू में अपने उस वेकेशन के बारे में भी बात की थी, जिसे वे शादी के बाद अब तक का अपना सबसे बेस्ट वेकेशन मानती हैं और जिस दौरान विजय जी के क्यूट जेस्चर को देख उनका दिल पिघल गया था। उन्होंने कहा था, “शादी के बाद हमारी बेस्ट हॉलिडे लंदन के हैंपस्टेड में बीती थी। वहां पर रोड के आस-पास थिएटर थे। हमने बहुत शॉपिंग की थी। एक बार जब हम यूरोप में थे, तब वे अचानक कहीं चले गए थे। बाद में जब वे आये, तो उनके हाथ में एक स्वेटर था, जिसे दिखाकर उन्होंने कहा ‘मैं ये लेने गया था’। वो मेरे लिए एक स्वेटर लाये थे”। (ये भी पढ़ें: पिता रणधीर ने करीना के एक्स BF शाहिद कपूर का रखा था ये निकनेम, जानें क्यों हुआ था दोनों का ब्रेकअप?)   

एक अन्य इंटरव्यू में सुषमा ने विजय आनंद के एक हिडन टैलेंट के बारे में भी बात की थी, जिसके बारे में परिवार, दोस्त और फैंस, किसी को भी जानकारी नहीं थी। सुषमा कोहली ने बताया था कि, विजय आनंद को घूमने-फिरने का बहुत ज्यादा शौक था और उन्होंने बॉलरूम डांस भी सीखा था। उन्होंने कहा था, “उन्हें बॉलरूम डांस, वाल्ट्ज और फॉक्सट्रोट में काफी दिलचस्पी थी। बचपन में वे वाल्ट्ज सीखने के लिए चेतन साहब (विजय आनंद और देव आनंद के भाई) के घर से कोलाबा के एक स्कूल चले गए थे। उन्होंने एक्ट्रेस बिंदु के साथ 'छुपा रुस्तम' में डांस भी किया था। फिल्म का गाना ‘जो मैं होता एक टूटा तारा’ कार के एक बोनट पर फिल्माया गया था। उन्हें शर्ट्स पहनना भी बहुत पसंद था। वे एक बार में दर्जनों शर्ट ले लिया करते थे”। अपने इंटरव्यू के अंत में सुषमा ने यह भी बताया था कि, विजय जी को घड़ियों और घुड़सवारी का भी बहुत शौक था। उन्होंने कहा था, “उन्हें घड़ियों, इत्र और घुड़सवारी का बहुत शौक था। घुड़सवारी का शौक उन्हें तब हुआ, जब वे कल्याणजी-आनंदजी के यहां काम कर रहे थे”। (ये भी पढ़ें: जब अपनी लाडली बेटी जीवा को भीड़ से बचाते दिखे थे महेंद्र सिंह धोनी, देखें पिता-पुत्री की क्यूट फोटो)

बतौर हीरो विजय आनंद ‘हकीकत’, ‘कोरा कागज’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ जैसी फिल्मों में दिखाई दिए थे। 90 के दशक में दूरदर्शन पर आने वाले सीरियल ‘तहकीकात’ में उन्होंने 'विजय डिटेक्टिव सैम' की भूमिका निभाई थी। एक समय ऐसा भी आया था, जब विजय आनंद तनाव का शिकार हो गए थे, जिसके बाद वे कुछ दिनों के लिए ओशो के शरण में चले गए थे। उन्होंने ओशो से आध्यात्म की शिक्षा हासिल की थी। आखिरकार, विजय आनंद का 23 फरवरी 2004 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

विजय आनंद की पत्नी सुषमा कोहली के इस दिलचस्प खुलासे के बारे में आपकी क्या राय है? कमेंट करके हमें जरूर बताएं, साथ ही हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमें अवश्य दें।

(Photo Credit: Instagram)
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