फिल्म 'प्यार तो होना ही था' के बिजय आनंद को शायद ही अब पहचान सकेंगे आप, फिल्में छोड़ कर रहे ये काम

फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ के एक्टर बिजय आनंद 22 सालों में इतने चेंज हो गए हैं कि उनकी तस्वीरों को देखकर शायद ही आप उन्हें पहचान सकें। इतने बरसों में बिजय की लाइफ में क्या कुछ बदल गया आइए आपको बताएं।

img

By Ritu Singh Last Updated:

फिल्म 'प्यार तो होना ही था' के बिजय आनंद को शायद ही अब पहचान सकेंगे आप, फिल्में छोड़ कर रहे ये काम

काजोल और अजय देवगन की हिट फिल्म 'प्यार तो होना ही था' साल1998 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में काजोल के मंगेतर बने एक्टर बिजय आनंद तो आपको याद ही होंगे। इस फिल्म में बिजय आनंद ने 'राहुल' का किरदार निभाया था और उनकी ही जिद के कारण फिल्म में काजोल को डरते-डरते प्लेन में सफर करना पड़ा था। प्लेन में सफर के दौरान ही उनकी मुलाकात फिल्म के हीरो अजय देवगन से हुई थी। ये सीन इस फिल्म का सबसे बेहतरीन पार्ट था, इसलिए आपको याद तो होगा ही।

इस फिल्म को बने 22 साल हो चुके हैं। फिल्म के मुख्य किरदार काजोल और अजय देवगन के लुक में आपने बहुत बदलाव नोटिस नहीं किया होगा, लेकिन फिल्म में काजोल के मंगेतर का किरदार निभा चुके बिजय आनंद को पहचानने के लिए दिमाग पर काफी जोर देना पड़ेगा। इस दौरान बिजय आनंद ने क्या किया और उनकी लाइफ कितनी बदल गई है, आइए आपको इससे रूबरू कराएं। (इसे भी पढ़ें: काफी विवादित रही है महेश भट्ट की लव लाइफ, एक नहीं तीन एक्ट्रेस से चला अफेयर)

ऐक्टिंग से अचानक मन हटा

एक्टर बिजय आनंद का मन ‘प्यार तो होना ही था’ करने के बाद अचानक ऐसा बदला कि वे अध्यात्म की ओर मुड़ गए और एक संन्यासी की तरह जीने लगे। अपने जीवन को उन्होंने योग को समर्पित कर दिया। इसी बीच उनकी जिंदगी में सोनाली खरे की एंट्री हुई और दोनों ने शादी कर ली। सोनालाी, छोटे पर्दे की जानीमानी अदाकारा हैं और मराठी फिल्मों की एक्ट्रेस भी हैं। अब उनकी एक प्यारी सी बेटी सनाया आनंद भी है। वे अपनी मैरिड लाइफ को एंजॉय भी कर रहे हैं।

17 साल बाद छोटे पर्दे पर की वापसी

हालांकि फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के करीब 17 साल बाद बिजय आनंद ने 2015 में छोटे पर्दे पर वापसी की और टीवी शो 'सिया के राम' में देवी सीता के पिता जनक के रूप में नजर आए। बिजय आनंद ने एक इंटरव्यू में अपने फिल्मी संघर्ष के बारे कहा था कि, “फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ हिट होने के बाद उन्हें करीब 22 फिल्मों में लीड रोल ऑफर हुए थे, लेकिन तब तक मैंने बॉलीवुड इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला ले लिया था और ये मेरे दिल से लिया गया फैसला था। मैंने यहां गरीबी, संघर्ष सब कुछ देखा, इसके बावजूद मैं खुद को एक्टर के तौर पर पहचान दिलाना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में मुझे इस बात अहसास हुआ कि इन सबका कोई मतलब नहीं है।”(इसे भी पढ़ें:सोहा अली खान और कुणाल खेमू की लव स्टोरी: कश्मीरी पंडित पर आया एक्ट्रेस का दिल, ऐसी है कहानी)

26 साल की उम्र में हुआ ‘गठिया’ तो बन गए योगा ट्रेनर

बिजय आनंद को 26 साल की उम्र में ‘गठिया’ बीमारी हो गई और तब उन्होंने अपनी सेहत पर ध्यान देना शुरू किया। बिजय आज एक ट्रेंड योगा ट्रेनर हैं और इसके जरिये उन्होंने अपनी बीमारी पर काबू पा लिया और दूसरों को भी योग से जोड़ने का काम कर रहे हैं।


वर्क फ्रंट की बात करें तो इन दिनों बिजय आनंद बालाजी के शो ‘ दिल ही तो है’ में श्री नून के रोल में नजर आते हैं। इसमें उनके कैरेक्टर को लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं। यही नहीं, सेट पर उनकी अपने को-स्टार के साथ भी काफी अच्छी ट्यूनिंग है। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड की बेबी डॉल सनी लियोनी की बायोपिक 'करनजीत कौर' में ऐक्ट्रेस के पिता 'मिस्टर जसपाल सिंह वोरा' का रोल निभाया था। ये एक वेब सीरीज थी। (इसे भी पढ़ें:ऐश्वर्या को लेकर जया बच्चन ने शाहरुख खान को कही थी थप्पड़ मारने की बात, जानें पूरा मामला?)

आज से 22 साल पहले आपने जिस बिजय आनंद को देखा था, क्या आज आप उनकी तस्वीर देख कर पहचान सके? नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अपने पसंदीदा बी-टाउन और टीवी सेलेब्स के ऐसे और अपडेट्स के लिए बॉलीवुड शादीज डॉट कॉम पर लॉग-इन करते रहें।

latest
latest

Loading...

BollywoodShaadis.com © 2020, Red Hot Web Gems (I) Pvt Ltd, All Rights Reserved.