भोजपुरी सिंगर रितेश पांडेय का अक्षरा सिंह से जुड़ चुका है नाम, जानें इनके बारे में सब कुछ

भोजपुरी सिनेमा में बहुत ही कम वक़्त में रितेश पांडेय ने एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है। इनकी इस सफलता के पीछे कई सालों का लम्बा संघर्ष है, जिसके बारे में हर किसी को जानना चाहिए।

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By Shashwat Mishra Last Updated:

भोजपुरी सिंगर रितेश पांडेय का अक्षरा सिंह से जुड़ चुका है नाम, जानें इनके बारे में सब कुछ

'पियवा से पहिले', 'जा ए चंदा' 'करुआ तेल' और 'हैलो कौन' जैसे गाने गाकर, पूरे यूपी-बिहार को अपने सुर-ताल पर नचाने वाले भोजपुरी सिनेमा के गायक व अभिनेता रितेश पांडेय का अब नाम ही काफी है। उनका नाम ही अब उनकी पहचान बन चुका है। अब तो रितेश पांडेय को भोजपुरी सिनेमा में बतौर एक्टर भी खूब पसंद किया जा रहा है। उनकी 'बलमा बिहारवाला-2' और 'तोहरे मा बसेला प्राण' के के हिट होने के बाद से उनके पास फिल्मों की झड़ी लग गयी। भोजपुरी सिनेमा में बहुत ही कम वक़्त में रितेश पांडेय ने एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है। इनकी इस सफलता के पीछे कई सालों का लम्बा संघर्ष है, जिसके बारे में हर किसी को जानना चाहिए।

इस आर्टिकल में एक्टर व सिंगर रितेश पांडेय के हर उस पहलू के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होगा।

मां से दूर बीता बचपन

भोजपुरी फिल्मों में अपनी एक अलग पहचान बना चुके गायक व अभिनेता रितेश पांडेय का जन्म 14 मई 1991 को बिहार के सासाराम जिले में हुआ था। जन्म के पहले से ही परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। जिसकी वजह से इनका बचपन काफी बदहाली में बीता। जन्म के कुछ ही सालों बाद से यह अपनी मां से दूर वाराणसी में रहने लगे। रितेश के पिता ने इनकी पढ़ाई और घर का खर्च चलाने के लिए वाराणसी जाने का निर्णय लिया। वाराणसी पहुंचकर रितेश के पिता ने रितेश का दाखिला उसी स्कूल में कराया, जिसमें वो खुद टीचर थे। रितेश ने पांच साल की उम्र में ही शास्त्रीय संगीत सीखा था। बचपन से ही उनका रुझान सिंगिंग की तरफ ही था।

एक इंटरव्यू के दौरान रितेश ने इस बात को बताया भी था, कि "मैं बचपन में ही अपने पिता के साथ वाराणसी आ गया था। मैं उन्हीं के स्कूल में पढता था। मैंने शास्त्रीय संगीत पहले ही सीख रखा था और मेरे पिता मेरे लिए बहुत मेहनत करते थे। वो स्कूल के बाद ट्यूशन पढ़ाते थे और उसके बाद मुझ पर भी पूरा ध्यान देते थे। जब मैंने 12वीं पास कर ली, तब पूरा परिवार बनारस (वाराणसी) रहने आ गया।"  (ये भी पढ़ें: आम्रपाली दुबे की लाइफ स्टोरी: अभी तक नहीं की है शादी, 'निरहुआ' के ही साथ क्यों जुड़ता है नाम?)

'घर वाले चाहते थे डॉक्टर बनूं'

भोजपुरी सिनेमा की जान बन चुके रितेश पांडेय बचपन से ही पढ़ने में अच्छे थे। इनके पढ़ाई में अच्छे होने का कारण इनके पिता को भी माना जा सकता है। रितेश के पिता एक स्कूल में टीचर थे और वो रितेश को भी उसी स्कूल में पढ़ाते थे। रितेश पांडेय ने वाराणसी के ही एक स्कूल से बायोलॉजी विषय में 72 प्रतिशत के साथ इंटर पास किया था। जिसके बाद इनके घर वाले इनको कोटा भेजने का मन बना चुके थे। रितेश के परिवार वाले उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन रितेश को तो कुछ और ही मंज़ूर था। रितेश पांडेय ने इंटर पास करने के बाद यह तय कर लिया था कि अब उन्हें गायक ही बनना है। जिसके लिए उन्होंने वाराणसी के ही 'महात्मा गांधी काशी विद्या पीठ यूनिवर्सिटी' से 'बैचलर इन म्यूजिक' की डिग्री हासिल की। 

एक इंटरव्यू के दौरान रितेश ने इन बातों का खुलासा करते हुए कहा था, ''मैंने करीब 72 प्रतिशत नंबरों के साथ बायोलॉजी विषय में इंटर पास किया था। सबका मन ये था कि मैं कोटा जाकर पीएमटी की तैयारी करूँ। लेकिन, थोड़ा-बहुत मैं शुरू से ही गाता था और जब मैं गाता था, तो लोग प्रशंसा भी करते थे। फिर, मैंने जब मन बना लिया कि मुझे इसी में करियर बनाना है, तो परिवार में काफी उथल-पुथल हुआ। सब लोग कह रहे थे कि इतने अच्छे नंबर आए हैं तो पीएमटी की तैयारी करो। लेकिन, मैंने मन बना लिया था। इसके बाद मैंने महात्मा गांधी काशी विद्या पीठ यूनिवर्सिटी से बैचलर इन म्यूजिक की डिग्री ली और धीरे-धीरे गाने लगे। (ये भी पढ़ें: आम्रपाली नहीं, ये हैं भोजपुरी एक्टर 'निरहुआ' की वाइफ, जानें इनकी लव लाइफ के बारे में)

'दो साल तक एक ही स्टूडियो में रहा'

रितेश पांडेय को अपने करियर की शुरुआत में काफी कष्ट झेलने को मिला। बैचलर इन म्यूजिक की डिग्री लेने के बाद रितेश ने कुछ रुपये इकठ्ठा कर वाराणसी के ही एक स्टूडियो में अपना गाना रिकॉर्ड करवाया। वो गाना हिट नहीं हुआ और इसका नतीजा सामने ये आया कि रितेश ने दो साल उसी स्टूडियो में बिता दिए।

एक इंटरव्यू में इस बारे में बात करते हुए रितेश बताते हैं, ''जब हम गाने लगे, तो कोई प्लेटफार्म नहीं मिल पा रहा था। एक स्टूडियो में मैं गया बनारस के। वहां पर मैंने एक एल्बम निकलवाया। रिकॉर्डिंग करवाया, सबकुछ हुआ...लेकिन उसका कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। जो पैसे जुगाड़ किये थे अब तो ऑडियो-वीडियो निकलवाने के चक्कर में वो भी खत्म हो गए थे। फिर, मेरे पास पैसे नहीं रहे। मैं घर भी नहीं जा सकता था। पहले के लोगों की सोच ये रहती थी कि कैसेट निकलेगा तो कमाई होगी, पर मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैं उसी स्टूडियो में दो साल तक रहा। वहीं मैं स्टूडियो का काम करता। उसी में सोता। वहीं खाता-पीता-रहता। (ये भी पढ़ें: पवन सिंह की पर्सनल लाइफ: पहली शादी के कुछ ही दिन बाद पत्नी ने कर ली थी आत्महत्या, ऐसी है स्टोरी)   

'मज़ाक-मज़ाक में गाया था करुआ तेल'

रितेश पांडेय से 'भोजपुरी गायक रितेश पांडेय' तक अगर किसी गाने ने पहुंचाया, तो वो गाना था 'करुआ तेल।' रितेश पांडेय की ज़िन्दगी बनाने वाले इस गाने के पीछे बड़ी दिलचस्प कहानी है। ये उन्हीं दिनों की बात है जब रितेश पांडेय वाराणसी के उस स्टूडियो में अपने दिन काट रहे थे और अब तक वो सिंगर बनने की बात भी अपने ज़ेहन से निकाल चुके थे। अचानक एक दिन उनके दिमाग में 'करुआ तेल' का थॉट आया और उन्होंने पूरा गाना बना दिया।

इस बात को उन्होंने एक इंटरव्यू में कबूला था, ''ऐसे ही उसी स्टूडियो में रहता था और मज़ाक-मज़ाक में गाना गा दिया। ऐसे ही दिमाग में थॉट आया, हम लोगों ने रिकॉर्ड कर दिया। आशीष वर्मा जी ने इसको रिकॉर्ड किया, बहुत ही सपोर्टिंग नेचर के हैं। उसके बाद धीरे-धीरे ये गाना हम ख़ुद पेन ड्राइव में लेके, कोई भी यूपी और बिहार का ऐसा शहर नहीं होगा, जहां पर हम बाइक से इसे लेकर गए न हों। शहर के हर डाउनलोडर के पास गया, उनके लैपटॉप में गाना डलवाया। फिर, माता के आशीर्वाद से ये गाना बहुत हिट हो गया और उसके बाद आज बहुत सारे एल्बम्स आए।'' 

अक्षरा सिंह के साथ जुड़ा था नाम

अपनी गायिकी से लोगों के दिलों में बसने वाले भोजपुरी एक्टर व सिंगर रितेश पांडेय का नाम एक्ट्रेस अक्षरा सिंह के साथ जोड़ा जा रहा था। दोनों को अक्सर साथ में भी देखा जाने लगा था। भोजपुरी जगत में ऐसा भी कहा जा रहा था कि अक्षरा को अपने आंसुओं के लिए रितेश का कंधा मिल गया है। गौरतलब है कि पवन सिंह के साथ ब्रेकअप के बाद अक्षरा पूरी तरह टूट चुकी थी। जिसके बाद उन्होंने रितेश के साथ 'साली के पुआ गरम', 'रहबु कूल कूल', और 'दबंग दामाद' व 'डोली' जैसी फ़िल्में व एल्बम किये। जिससे इन दोनों के बीच नजदीकियों की बातों से भोजपुरी सिनेमा गरमाने लगा। लेकिन, इन बातों पर विराम तब लग गया, जब इसी साल मई के महीने में अक्षरा सिंह ने वाराणसी के सारनाथ थाने में रितेश पांडेय के खिलाफ अभद्रता और जान से मारने का मुकदमा दर्ज करवा दिया। जिसके कुछ दिनों बाद तक दोनों के बीच तकरार चलती रही और अंत में रितेश पांडेय ने अक्षरा से माफ़ी मांगकर मामले को रफा-दफा कर दिया। (ये भी पढ़ें: भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह की लव लाइफ: पवन सिंह से ब्रेकअप के बाद एक्ट्रेस का हो गया था बुरा हाल)

एक इंटरव्यू के दौरान अक्षरा सिंह ने रितेश से हुई लड़ाई के बारे में बात करते हुए कहा था कि वह सारनाथ थाना के तिलमापुर में एक स्टूडियो में थी। इसी दौरान रितेश अपने दोस्तों के साथ स्टूडियो में आए। उनसे अचानक गालीगलौज कर मारपीट करने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी।

ज्यादा फ़ीस लेने वाले एक्टर्स में हैं शामिल

एक्टर रितेश पांडेय ने भोजपुरी सिनेमा में बहुत ही कम समय में एक अलग नाम बना लिया है। उनके चाहने वालों की एक बड़ी फेहरिस्त है। एक्टर को न सिर्फ़ यूपी और बिहार में प्यार मिलता है बल्कि, इनकी फ़िल्मों और एक्टिंग की तारीफ मॉरीशस और थाईलैंड में भी होती है। रितेश पांडेय का नाम भोजपुरी सिनेमा के टॉप मोस्ट एक्टर्स में शामिल है। ये पवन सिंह, निरहुआ और खेसारी लाल यादव के बाद सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर हैं। रितेश पांडेय एक फ़िल्म के लिए 15-20 लाख रुपये चार्ज करते हैं।

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फोटो क्रेडिट: (रितेश पांडेय
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