शंकर महादेवन की लव स्टोरी: 16 साल की उम्र में पड़ोसन को दे बैठे थे दिल, फिर ऐसे बनाया जीवनसाथी

मशहूर गायक शंकर महादेवन की प्रोफेशन लाइफ से तो, हर कोई वाकिफ होगा, लेकिन उनकी लवलाइफ का किस्सा शायद ही किसी को मालूम हो। तो चलिए डालते हैं इस अनकही प्रेमकहानी पर एक नजर...

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By Monika Chauhan Last Updated:

शंकर महादेवन की लव स्टोरी: 16 साल की उम्र में पड़ोसन को दे बैठे थे दिल, फिर ऐसे बनाया जीवनसाथी

'कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं' और कुछ ऐसा ही हुआ बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर शंकर महादेवन (Shankar Mahadevan) और उनकी पत्नी संगीता (Sangeeta) के साथ। दो अलग-अलग संस्कृतियों से ताल्लुक रखने वाले शंकर और संगीता का मिलना किस्मत में लिखा था, तो इन दोनों ने कैसे अपनी प्यार की मंजिल को हासिल किया। आइए नजर डालते हैं  इनकी अनसुनी प्रेम कहानी पर।

16 साल की बाली उम्र में प्यार बेहद कच्चा होता है, लेकिन शंकर महादेवन का प्रेम कच्चा नहीं था। उनकी प्रेम कहानी इससे बिल्कुल उलट रही। केरल के पल्लकड़ से ताल्लुक रखने वाले शंकर 16 साल के थे, जब उनकी मुलाकात 14 साल की संगीता से हुई। संगीता महाराष्ट्र की थीं। वह उनके पड़ोस की रहने वाली थीं। दोनों की मुलाकात उनके करीबी दोस्तों के जरिए हुई।

बैडमिंटन ने की प्यार की शुरुआत

Shankar Mahadevan Sangeeta Mahadevan

शंकर और संगीता दोनों को ही बैडमिंटन खेलना पसंद था और यहीं से शुरू हुई इनकी प्रेम कहानी। लगभग हर शाम दोनों बैडमिंटन खेला करते थे और जल्द ही पक्के दोस्त बन गए। इस दोस्ती को प्यार में तब्दील होने में ज्यादा समय नहीं लगा। हालांकि, तब तक संगीत का दोनों के प्यार में कोई हिस्सा नहीं था। इस बारे में संगीता कहती हैं, “हम दोनों के बीच प्यार बस अपने आप हो गया।” (ये भी पढे़ं: पत्नी अंजली की बदौलत गूगल सीईओ हैं सुन्दर पिचाई, बेहद रोमांटिक है इनकी लव स्टोरी)   

चोरी-चोरी, चुपके-चुपके

Shankar Mahadevan Sangeeta Mahadevan

दोनों ने करीब 10 साल तक अपने प्यार को अपने घरवालों से छुपाए रखा। चोरी-छुपे ही दोनों एक-दूसरे को डेट करते रहे। लेकिन, जैसे कहा गया है कि 'प्यार छुपाए नहीं छुपता'। ऐसे ही संगीता के भाई को भी इन दोनों के रिश्ते की भनक लगी। इसके बाद धीरे-धीरे दोनों के परिवार वालों को ये बात पता चली। वैसे तो हर प्रेम कहानी में घरवालों की नाराज़गी अहम होती है, लेकिन ये किस्सा थोड़ा अलग था। दोनों के परिवारों ने उनके रिश्ते को मंजूरी तो दे दी, मगर उनके बाहर खुलेआम मिलने-जुलने पर रोक लगा दी। 'पर प्यार की चिंगारी जहां फूटे, वहां बंधन का क्या काम'। दोनों किसी तरह तरकीब निकालकर चोरी-चुपके एक-दूसरे से मिलते रहे और उनकी ये मुलाकातें घरवालों के लिए राज ही रही। (ये भी पढ़ें: कुछ ऐसी है आदित्य पंचोली की लव स्टोरी, शादी के बाद भी रहा इन एक्ट्रेस के साथ अफेयर)  

दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे...

Shankar Mahadevan Sangeeta Mahadevan

शंकर और संगीता के प्यार और एक-दूजे के प्रति उनके समर्पण को देखकर आखिरकार उनके घरवालों को भी हार माननी पड़ी। दोनों के रिश्ते को नाम दे दिया गया। साल 1992 में शंकर और संगीता शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। इस दौरान ही शंकर महादेवन ने अपनी नौकरी छोड़कर संगीत जगत में कदम रखने का फैसला किया। दोनों के परिवारों ने उनके इस फैसले का समर्थन किया और संगीता उनकी सच्ची जीवनसाथी बनकर उनके साथ इस फैसले पर अडिग खड़ी रही। (ये भी पढ़ें: किशोर कुमार ने की थी 4 शादियां, जिसके लिए बदला था धर्म उसी को आंखों के सामने देखा था मरते हुए)

दो अनमोल रतन

Shankar Mahadevan Family

संगीता और शंकर की शादी को एक ही साल हुआ था और उनके घर पहले बच्चे की किलकारी गूंजी। 1993 में उनके पहले बेटे सिद्धार्थ का जन्म हुआ। इसके बाद साल 2001 में दोनों को दूसरे बेटे का तोहफा मिला। शंकर अब भी संगीत में अपनी पहचान बनाने की कोशिश में लगे हुए थे। ऐसे में संगीता को अकेले ही घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। हालांकि, उन्हें दोनों परिवारों से पूरा समर्थन मिला। दोनों परिवारों से मिले इस साथ की बदौलत वह अपने बच्चों और घर की जिम्मेदारी बेहतर रूप से संभाल पाईं।

...और जिंदगी का कारवां यूं ही चलता रहा

Shankar Mahadevan Sangeeta Mahadevan

शंकर महादेवन को संगीत जगत में अपनी पहचान बनाने में भले ही थोड़ा समय लगा हो, लेकिन आज वह एक जाना-माना नाम हैं। उनके बड़े बेटे सिद्धार्थ ने ए.आर. रहमान के साथ साल 2013 में फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के गाने ‘जिंदा’ से संगीत जगत में कदम रखा। उनका छोटा बेटा भी शास्त्रीय संगीत सीख रहा है और अपने पिता की तरह ही पहचान बनाना चाहता है। संगीता को भी संगीत बेहद पसंद है और वो अपने पति शंकर महादेवन की सबसे बड़ी प्रशंसकों में से एक हैं।

संगीतकार नहीं, तो शेफ होते शंकर महादेवन

Shankar Mahadevan Sangeeta Mahadevan

अपने खाली समय में शंकर को अपने परिवार के साथ खुशनुमा पल बिताना और उनके लिए खाना बनाना बेहद पसंद है। एक इंटरव्यू में संगीता ने कहा था कि, "अगर शंकर संगीत में कामयाब नहीं होते, तो आज वो एक शेफ होते। एक पति के रूप में शंकर अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का कोई भी मौका नहीं जाने देते। वो कोशिश करते हैं कि शुरुआती सालों में जो पल वे अपने परिवार के साथ नहीं बिता पाए, उन पलों की खुशियां अब समेट लें।"

ऐसा लगता है कि शंकर और संगीता की जोड़ी ऊपरवाले  ने बनाकर भेजी है। शंकर और संगीता अपने परिवार के साथ खुशहालपूर्वक जीवन बिता रहे है। हम आशा करते हैं कि उनका ये जीवन हमेशा खुशहाल बना रहे। तो, आपको शंकर महादेवन और संगीता की लव स्टोरी कैसी लगी? हमें कमेंट करके जरूर बताएं, साथ ही हमारे लिए कोई सलाह हो, तो अवश्य दें।

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